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This article covers the latest updates on ममता बनर्जी सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत से बोलीं, ‘संविधान को विनाश से बचाएं’ – The MediaNews हिंदी.
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संगीतकार एआर रहमान के फ़िल्म इंडस्ट्री में काम और ‘भेदभाव’ से जुड़े बयान पर गायक शान ने प्रतिक्रिया दी है.
शान ने कहा, “जहां तक काम न मिलने की बात है तो मैं आपको सामने
खड़ा हूं. मैं इतने सालों में इतना कुछ गाया हूं, मुझे भी काम नहीं मिल रहा.”
“लेकिन मैं इसको लेकर बहुत नहीं सोचता,
क्योंकि मुझे नहीं लगता कि कुछ पर्सनल बात होती
है. सबकी अपनी-अपनी सोच होती है, अपनी-अपनी
पसंद होती है. हमें कितना काम मिलना चाहिए, ये हमारे हाथ में नहीं है.”
शान ने एआर रहमान के काम की तारीफ़
भी की. उन्होंने कहा कि एआर रहमान एक कमाल के कंपोज़र हैं और उनका काम करने का एक
अलग अंदाज़ है.
शान ने फ़िल्म और म्यूज़िक इंडस्ट्री
में किसी ‘सांप्रदायिक या अल्पसंख्यक पहलू’
के होने से इनकार किया है.
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि संगीत में कोई सांप्रदायिक या
अल्पसंख्यक पहलू होता है. अगर ऐसी बात होती तो हमारे जो तीनों सुपरस्टार तीस साल
से हैं, वे भी अल्पसंख्यक हैं लेकिन क्या
उनके फैंस किसी से कम हैं? वे तो
बढ़ते ही जा रहे हैं.”
शान ने कहा कि सभी को अच्छा काम करते
रहना चाहिए और इन सब चीज़ों के बारे में नहीं सोचना चाहिए.
एआर रहमान ने बीते दिनों बीबीसी
एशियन नेटवर्क को इंटरव्यू दिया है.
इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “…अब उन लोगों के हाथों में फ़ैसले लेने की ताक़त है जो क्रिएटिव नहीं हैं और यह सांप्रदायिक चीज़ भी हो सकती है, लेकिन मेरे साथ सीधे तौर पर ऐसा नहीं हुआ. मैंने बस इधर-उधर से बातें सुनी हैं….”
काम को लेकर एआर रहमान ने कहा, “…मैं काम की तलाश में नहीं रहता. मैं चाहता हूं कि काम मेरे पास खुद आए. मैं जो भी करता हूं, उसकी सच्चाई और ईमानदारी से मुझे काम मिले, न कि मैं उसे ढूंढता फिरूं…”
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