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This article covers the important facts regarding लेबनान में आम लोगों के हताहत होने की ख़बरों पर भारत ने जताई चिंता, जानिए क्या कहा – The MediaNews हिंदी.
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल
मुसलिमीन (एआईएमआईएम) ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर की जनता
उन्नयन पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया है और अकेले चुनाव लड़ने का एलान किया है.
हुमायूं कबीर तृणमूल कांग्रेस से
निकाले गए नेता हैं. उन्होंने हाल ही में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ के नाम पर एक मस्जिद की नींव रखी थी. इसके बाद वह देशभर में चर्चा में
आए थे. वह अपने बयानों की वजह से भी चर्चा में बने रहते हैं.
पिछले साल दिसंबर महीने में पार्टी
से निष्कासित होने के बाद उन्होंने एक नई पार्टी बनाने की घोषणा की थी.
चार दिसंबर को तृणमूल कांग्रेस ने
हुमायूं कबीर को पार्टी से निष्कासित कर दिया था. पार्टी का कहना था कि वह ‘सांप्रदायिक राजनीति’ कर रहे हैं.
एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी
से गठबंधन तोड़ने के पीछे की वजह उनके बयान को बताया है.
एआईएमआईएम की ओर से एक्स पर बयान
जारी कर कहा गया, “हुमायूं कबीर के बयानों से पता चलता
है कि बंगाल के मुसलमान कितने असुरक्षित हैं. एआईएमआईएम किसी भी ऐसे बयान से ख़ुद
को नहीं जोड़ सकती है, जिसमें मुसलमानों की साख पर सवाल
उठाया गया हो.”
पार्टी ने कहा, “आज से एआईएमआईएम कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन
वापस लेती है. बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और दबे हुए समुदायों में से एक हैं. दशकों के धर्मनिरपेक्ष
शासन के बावजूद उनके लिए कुछ नहीं किया गया है.”
एआईएमआईएम ने यह भी कहा,
“हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से
लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा.”
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और
29 अप्रैल को मतदान होना है. चुनावी नतीजे चार मई को जारी किए जाएंगे.
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हुमायूं कबीर से जुड़ा क्या है विवाद
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गुरुवार
को एक्स पर एक वीडियो साझा किया था, जिसको
लेकर दावा किया गया कि इस वीडियो में ‘हुमायूं
कबीर अल्पसंख्यकों को गुमराह करने के लिए बीजेपी से एक हज़ार करोड़ रुपये लेने’
की बात कह रहे हैं.
वहीं, इस पर बीजेपी का कहना है कि उनका इस वीडियो से ‘कोई लेना-देना नहीं’ है.
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता
सुकांता मजूमदार ने कहा, “हमें
वीडियो के बारे में कुछ पता नहीं है. हुमायूं कबीर का वीडियो है, वही बताएंगे क्या है क्या नहीं है. हुमायूं कबीर
हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है. तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच लड़ाई है,
दोनों को लेकर ही बात होनी चाहिए.”
इस वीडियो को लेकर हुमायूं कबीर ने
सफाई भी दी है. उन्होंने कहा, “भारत के
प्रधानमंत्री क्या इतने कमज़ोर आदमी हैं कि हुमायूं कबीर को एक हज़ार करोड़ रुपये
दे देंगे?”
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