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आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फ़ाइनल में भारतीय टीम के तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह और न्यूज़ीलैंड के क्रिकेटर डेरिल मिचेल के बीच हुई तीखी बहस पर गौतम गंभीर ने कहा है कि मैदान पर ‘आक्रामकता दिखाना’ ग़लत नहीं है.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा, “आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं और ऐसे में आक्रामकता दिखाना स्वाभाविक है. इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है.”
उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी गेंदबाज़ को दो छक्के लगने के बाद अच्छा नहीं लगता.
गंभीर का कहना है कि वह भारतीय टीम के खिलाड़ियों से इसी तरह की प्रतिक्रिया देखना चाहते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर अर्शदीप सिंह ने डेरिल मिचेल से माफ़ी नहीं भी मांगी होती, तो उन्हें इससे कोई समस्या नहीं होती.
मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा, “यह अच्छी बात है कि उन्होंने माफ़ी मांग ली, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर न कोई दोस्त होता है और न दुश्मन. आपका काम सिर्फ़ अपने देश के लिए मैच जीतना होता है.”
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के फ़ाइनल के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा में रहा था.
इसके बाद अर्शदीप सिंह पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की आचार संहिता तोड़ने पर मैच फ़ीस पर 15 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया है.
आईसीसी के मुताबिक़, अर्शदीप ने आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का उल्लंघन किया. यह आर्टिकल कहता है, “अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान गेंद या किसी अन्य क्रिकेट उपकरण को खिलाड़ी की तरफ़ या उसके पास ग़लत और ख़तरनाक तरीके से फेंकना नियम तोड़ना है.”
यह घटना टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड की पारी के 11वें ओवर में हुई. अर्शदीप ने गेंद को फ़ील्ड किया और ग़ुस्से में ग़लत तरीके से फेंक दिया, जो बल्लेबाज़ डैरिल मिशेल के पैड्स पर लगी.
भारत ने रविवार को न्यूज़ीलैंड को फ़ाइनल में हराकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था.
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