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इमेज स्रोत, ANI
पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (सीओईपी) में छात्र संगठनों एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच विवाद सामने आया है. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर धमकी देने और हिंसा करने के आरोप लगाए हैं.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी बीजेपी का छात्र संगठन है और एनएसयूआई कांग्रेस की स्टूडेंट यूनिट है.
ऐसा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से ठीक पहले हुआ है.
कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच एक छात्रा की स्कॉलरशिप और फीस रीइंबर्समेंट को लेकर दिए गए इंटरव्यू ने विवाद को और बढ़ा दिया है.
एबीवीपी और एनएसयूआई ने एक-दूसरे पर डराने-धमकाने, ग़लत जानकारी फैलाने और हिंसा के आरोप लगाए हैं.
विवाद की शुरुआत गुरुवार को हुई, जब एक छात्रा ने एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया कि छात्रों को सरकारी स्कॉलरशिप और फीस रीइंबर्समेंट का पैसा नहीं मिल रहा है.
कांग्रेस और एनएसयूआई नेताओं का आरोप है कि बाद में छात्रा को कथित तौर पर रोककर रखा गया और उस पर दबाव बनाकर एक और वीडियो रिकॉर्ड कराया गया, जिसमें उसने अपने पहले बयान को वापस लिया या उसमें बदलाव किया.
हालांकि, एबीवीपी ने इस आरोप से इनकार किया है. संगठन ने उल्टा एनएसयूआई पर छात्रा पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है.
शुक्रवार रात मामला तब और बढ़ गया, जब दोनों संगठनों के सदस्य सीओईपी कैंपस में जुट गए. कांग्रेस और एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और दो कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गए. बताया गया है कि घायलों को संचेती अस्पताल ले जाया गया, जहां महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उनसे मुलाकात की.
घटना के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सीओईपी कैंपस में प्रदर्शन किया. उन्होंने एबीवीपी पर डराने-धमकाने और हिंसा का आरोप लगाया. सपकाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि एबीवीपी सदस्यों ने छात्रों के साथ मारपीट की और छात्राओं को हॉस्टल के कमरों में कथित तौर पर बंद रखा.
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े सोशल मीडिया स्टेटस को लेकर छात्रों को धमकाने का भी आरोप लगाया और इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया.
एबीवीपी ने इन आरोपों को खारिज किया है. संगठन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता छात्रों पर ग़लत जानकारी फैलाने का दबाव बना रहे थे. एबीवीपी का दावा है कि छात्रों ने खुद स्थिति स्पष्ट की और एनएसयूआई कार्यकर्ता छात्राओं के हॉस्टल परिसर में घुसकर डराने-धमकाने में शामिल थे. संगठन ने कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की कथित “गुंडागर्दी” की कड़ी निंदा की.
फिलहाल दोनों पक्ष एक-दूसरे पर डराने-धमकाने, मारपीट और छात्रों पर दबाव बनाने के आरोप लगा रहे हैं. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है.
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