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असम के ग्वालपाड़ा ज़िले के सभी सरकारी स्कूलों में ज़िला प्रशासन ने टिफ़िन में मांसाहारी भोजन लाने पर रोक लगा दी है.
दरअसल, पिछले शुक्रवार को ज़िले के कृष्णाई पुलिस थाना क्षेत्र के सरकारी स्कूल में कथित तौर पर एक मुस्लिम छात्र अपने टिफ़िन में बीफ़ लेकर आया था. इस घटना के बाद विवाद हो गया.
कृष्णाई थाने के अधिकारी आनंद राभा ने मीडिया को बताया कि इस घटना को लेकर कुछ अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई है.
इन आरोपों में कहा गया है कि 5 जून को 9वीं कक्षा के पांच छात्रों ने दो हिंदू सहपाठियों को बीफ़ खिलाने की कोशिश की. इस मामले को लेकर एक मजिस्ट्रेट स्तर की जाँच भी की जा रही है.
इस घटना के सामने आने के बाद ज़िला उपायुक्त प्रदीप तिमुंग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नबनीत महंता ने स्कूल का दौरा किया था. पुलिस ने घटना में शामिल छात्र को हिरासत में लिया है जबकि उनकी मां को गिरफ़्तार कर लिया है.
पुलिस के अनुसार मां और बेटे पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के साथ ही कई आरोप लगाए गए हैं.
इस दौरान एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पिछले हफ़्ते हुई इस घटना की ख़बर फैलने के बाद यह मामला काफ़ी बढ़ गया था.
ज़िला आयुक्त ने संबंधित पक्षों और कई संगठनों के लोगों से बात करने के बाद स्कूल इंस्पेक्टर को निर्देश दिया कि स्कूलों में टिफ़िन में मांस और मछली की अनुमति न दी जाए.
आदेश में कहा गया, “छात्र टिफ़िन में किसी भी तरह का मांसाहारी भोजन स्कूल नहीं लाएंगे. स्कूल परिसर में केवल शाकाहारी भोजन की अनुमति होगी. हालांकि, छात्र अपने टिफ़िन में अंडे ला सकते हैं और खा सकते हैं.”
इस आदेश में यह भी कहा गया है कि लंच या ब्रेक के समय कोई भी छात्र स्कूल कैंपस से बाहर न जाए, अगर किसी भी स्कूल में इन निर्देशों का उल्लंघन होता है तो सख़्ती से कार्रवाई की जाएगी.
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