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This article covers the breaking situation concerning डोनाल्ड ट्रंप का दावा- होर्मुज़ स्ट्रेट से तेल से भरे जहाज़ गुजरने लगे – The MediaNews हिंदी.
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ईरान और अमेरिका के बीच घोषित समझौते
पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं की ओर से एक
संयुक्त बयान जारी होने के बाद अब संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस,
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकइची, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ और
न्यूज़ीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स की प्रतिक्रियाएं आई हैं.
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने की घोषणा का स्वागत किया है.
उनके प्रवक्ता ने कहा, “यह संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक
अहम क़दम है.”
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकइची
ने भी इस समझौते की सराहना की है.
उन्होंने कहा, “जापान को पूरी
उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही
सुनिश्चित की जाएगी, और ईरान के परमाणु मुद्दे समेत अन्य
मामलों पर अंतिम समझौता जल्द से जल्द किया जाएगा.”
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी
अल्बनीज़ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह समझौता “मज़बूत और स्थायी
शांति” की ओर ले जाएगा.
उन्होंने कहा, “हालांकि पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल होने में
समय लगेगा, लेकिन इस अहम व्यापारिक मार्ग को फिर
से खोलना ऊर्जा क़ीमतों और अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव कम करने के लिए ज़रूरी है,
जिसमें हमारा क्षेत्र भी शामिल है.”
न्यूज़ीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन
पीटर्स ने इसे “निर्णायक और रचनात्मक समझौता” बताया.
उन्होंने कहा कि यह “तनाव कम
करने और उस क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक क़दम है, जो वैश्विक आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद अहम
है.”
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