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इमेज स्रोत, RAJESH AMBALIYA/BBC
गुजरात के मोरबी के जेतपर गांव में अपने खेतों में बिजली के खंभे लगाए जाने का विरोध कर रहे किसानों पर पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की है.
बीबीसी गुजराती के अनुसार, किसानों पर आरोप है कि उन्होंने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पुतले जलाए और ‘अपमानजनक नारे’ लगाए.
जेतपर गांव में बिजली के खंभों के मुआवज़े को लेकर कई महीनों से विरोध-प्रदर्शन चल रहा है. पुलिस के मुताबिक, दो दिन पहले किसानों के विरोध-प्रदर्शन वाले कैंप के पास प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पुतले जलाए गए थे.
इस मामले में, मोरबी तालुका पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ने 21 लोगों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज की है.
इस मामले में पुलिस ने किसान नेता नेहुल अमरुतिया समेत कुल 21 किसानों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. इसमें कुछ महिलाओं के नाम भी शामिल हैं.
बीबीसी संवाददाता राजेश अंबिलिया के मुताबिक़, पुलिस अभियुक्तों को गिरफ़्तार करने की प्रक्रिया में है.
इमेज स्रोत, Tejas Vaidya/BBC
एफ़आईआर 21 लोगों पर हुई है. इनमें महिलाओं के नाम भी शामिल हैं.
मोरबी ग्रामीण पुलिस इंस्पेक्टर नीलेश घेटिया ने पुलिस शिकायत में लिखा, “आरोपियों (अभियुक्तों) ने ज़िला मजिस्ट्रेट के आदेश का उल्लंघन किया, दूसरों को सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए उकसाया, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पुतले जलाए, उनमें तोड़-फोड़ की नारेबाज़ी की और जान-बूझकर उनका अपमान किया.”
उन्होंने शिकायत में कहा है कि 17 सितंबर की रात को जब वे गश्त पर थे, तो उन्हें व्हाट्सएप पर एक वीडियो मिला जिसमें ये पुतले जलाए जाते और नारेबाज़ी होती हुई दिखाई दे रही थी.
किसान नेता नेहुल अमरुतिया ने बीबीसी गुजराती को बताया कि “पुलिस ने हमें अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है, इसलिए यह कहना मुमकिन नहीं है कि आगे क्या कार्रवाई होगी.”
उन्होंने कहा, “सभी किसान अभी भी सत्याग्रह कैंप में मौजूद हैं और एकजुट हैं. पुलिस की ओर से की जा रही किसी भी कार्रवाई के बारे में हमें अभी तक फ़ोन या लिखित रूप में कोई सूचना नहीं मिली है.”
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