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Friday, May 29, 2026

ईरान में हज़ारों प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की आशंका, ट्रंप ने कहा- ‘मदद रास्ते में है’ – BBC News हिंदी

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James Y. Falcon
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James Y. Falcon is a digital journalist and long-form content strategist covering global sports, entertainment, education, and trending world affairs. With a strong focus on search-driven news and audience behavior, his work blends real-time trend analysis with clear, contextual reporting. James specializes in breaking down fast-moving topics—ranging from international football and franchise cricket to exam updates and pop-culture shifts—into accurate, reader-friendly narratives. His articles are designed to help readers understand not just what is happening, but why it matters in a rapidly changing digital landscape. When not tracking global trends or analyzing search data, James focuses on refining long-form journalism for modern platforms, with an emphasis on clarity, credibility, and reader trust.

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This article covers the latest updates on ईरान में हज़ारों प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की आशंका, ट्रंप ने कहा- ‘मदद रास्ते में है’ – The MediaNews हिंदी.
Aggregated from leading news outlets, this report provides the essential context.
Read the full updates below.

तेहरान  में सरकार के समर्थन में प्रदर्शन

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इमेज कैप्शन, तेहरान में सोमवार को सरकार के समर्थन में प्रदर्शन हुए

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई में हज़ारों लोगों के मारे जाने की आशंका है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से कहा है कि ‘मदद रास्ते में है.’

मंगलवार को कई दिनों बाद विदेश में रह रहे अपने परिवार वालों से पहली बार फ़ोन पर बात करते हुए ईरानी लोगों ने भयावह मौत और तबाही का ब्योरा दिया है.

बीबीसी फ़ारसी के संवाददाता जियार गोल का कहना है, “पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि मारे गए लोगों की संख्या हज़ारों में होनी चाहिए.”

उन्होंने कहा, “सरकार पहले भी ताक़त का इस्तेमाल करती रही है, लेकिन इस बार जो हुआ है, वह बिल्कुल अलग है.”

रॉयटर्स ने एक ईरानी सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया है कि मरने वालों की संख्या क़रीब 2 हज़ार हो सकती है.

इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता जेरेमी लॉरेंस ने जिनेवा में एक सम्मेलन में कहा कि, “रिपोर्ट्स बताती हैं कि सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हज़ारों को गिरफ़्तार किया गया है.”

लॉरेंस ने कहा कि, “यह आंकलन संयुक्त राष्ट्र के सोर्स पर आधारित है और ये भरोसेमंद सोर्स हैं.”

मदद के बारे में ट्रंप का ताज़ा बयान

ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों से विरोध प्रदर्शन जारी रखने को कहा है

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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों से विरोध प्रदर्शन जारी रखने को कहा है

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक ताज़ा पोस्ट में लिखा, “ईरानी देशभक्तों, प्रदर्शन जारी रखो, अपने संस्थानों पर क़ब्ज़ा करो. हत्यारों और अत्याचार करने वालों के नाम याद कर लो. उन्हें इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी.”

उन्होंने आगे लिखा, “मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें तब तक के लिए रद्द कर दी हैं, जब तक प्रदर्शनकारियों की बेमतलब हत्याएं बंद नहीं होतीं. मदद रास्ते में है. मिगा (मेक ईरान ग्रेट अगेन)!!!”

इससे पहले ख़बर थी कि अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई के विकल्पों की विस्तृत ब्रीफ़िंग दी है, जिसमें हवाई हमले का इस्तेमाल और कमांड एंड कंट्रोल स्ट्रक्चर को ध्वस्त करने के विकल्प शामिल हैं.

ब्रीफ़िंग की जानकारी अमेरिकी रक्षा विभाग के दो अधिकारियों ने बीबीसी के अमेरिका में पार्टनर, सीबीएस न्यूज़ को दी है.

अधिकारियों ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर बताया कि ईरान में संभावित अमेरिकी हस्तक्षेप के लिए लंबी दूरी का मिसाइल हमला एक विकल्प बना हुआ है लेकिन अधिकारियों ने साइबर ऑपरेशन और मनोवैज्ञानिक अभियान का विकल्प भी पेश किया.

ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि वह ईरान के मामले में कुछ बहुत मज़बूत विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बासी अराग़ची ने भी कहा है कि ईरान अमेरिका से बातचीत को तैयार है और “जंग के लिए भी तैयार है.”

एक दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले देशों के ख़िलाफ़ 25 प्रतिशत टैरिफ़ लगाने की घोषणा की.

जर्मन चांसलर के बयान पर भड़का ईरान

जर्मनी के चांसलर के बयान का ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने जवाब दिया है

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इमेज कैप्शन, जर्मनी के चांसलर के बयान का ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने जवाब दिया है

जर्मनी के चांसलर फ़्रिड्रिख़ मर्त्ज़ ने मंगलवार को कहा था कि ईरान की सरकार के दिन गिने-चुने बचे हैं.

उन्होंने कहा था, “हम अब ईरान की सरकार के आख़िरी दिन और हफ़्तों के गवाह बन रहे हैं.”

इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची का तीख़ा जवाब आया.

अराग़ची ने कहा, “सभी सरकारों में, जर्मनी की सरकार ‘मानवाधिकारों’ के मुद्दे पर बात करने के लिए सबसे ख़राब स्थिति में है. और इसकी वजह साफ़ है. पिछले कुछ सालों में उसके दोहरे मापदंडों ने उसकी सारी विश्वसनीयता ख़त्म कर दी है.”

उन्होंने कहा, “हम सब पर एक एहसान करो और थोड़ी शर्म करो.”

इस बीच ब्रिटेन ने भी ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या की “सबसे कड़े शब्दों में निंदा” की है.

ब्रिटेन के विदेश सचिव यवेट कूपर ने कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने फ़्रांस और जर्मनी के नेताओं के साथ मिलकर हिंसा की निंदा की है और उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री से फ़ोन पर बात के दौरान इस रुख़ को दोहराया है.

यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ईरान में दमन के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों पर और प्रतिबंध लगाने की बात की है.

एक्स पर जारी बयान में उन्होंने लिखा कि “हताहतों की संख्या भयावह है और अत्यधिक बल प्रयोग और आज़ादी पर जारी पाबंदियों की हम स्पष्ट शब्दों में निंदा करते हैं.”

उन्होंने लिखा कि यूरोपीय कमीशन की उपाध्यक्ष काया कलास के साथ मिलकर “दमन के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर और प्रतिबंध जल्द प्रस्तावित किए जाएंगे.”

ईरान के अस्पतालों का हाल

तेहरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भारी संख्या में मारे जाने की आशंका है.

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इमेज कैप्शन, तेहरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भारी संख्या में प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की आशंका है

प्रदर्शनकारियों के बड़ी संख्या में मारे जाने और घायल होने से ईरान के अस्पतालों पर काफ़ी दबाव पड़ रहा है और हालात बिगड़ते जा रहे हैं.

कैंसर विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर शाहराम कोर्दस्ती पिछले दो दशकों से लंदन में काम कर रहे हैं और ईरान के डॉक्टरों से संपर्क में हैं. उन्होंने बताया कि पहले जब भी हालात ख़राब हुए हैं, जानकारी मिलना आसान रही है.

उन्होंने बताया कि, “इस बार संपर्क के सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं. इसमें स्टारलिंक भी शामिल है, जो कुछ दिन पहले तक काम कर रहा था.”

बीबीसी न्यूज़डे से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें आख़िरी मैसेज तेहरान में अपने एक साथी डॉक्टर से मिला था. उस डॉक्टर ने उन्हें बताया था कि, “ज़्यादातर अस्पतालों में हालात जंग जैसे हैं. हमारे पास सामान की कमी है, ख़ून की भी भारी कमी है.”

हालांकि कोर्दस्ती ने बताया कि वह इस जानकारी की ख़ुद पुष्टि नहीं कर पाए हैं, लेकिन उनके संपर्क में मौजूद “दो से तीन अस्पतालों” के डॉक्टरों ने बताया है कि उनके पास सैकड़ों लोगों को लाया गया जो घायल थे या जिनकी मौत हो गई.

उन्होंने बतााय कि, “जो आंकड़े हमें मिल रहे हैं, वह ज़्यादातर तेहरान या बड़े शहरों से हैं, लेकिन छोटे शहरों में क्या हो रहा है, हमें बिल्कुल पता नहीं है.”

हाल के दिनों में ईरान के कई अस्पतालों के कर्मचारियों ने बीबीसी को बताया है कि उनके यहां मरे और घायल मरीज़ों की संख्या इतनी ज़्यादा है कि अस्पतालों पर भारी दबाव पड़ रहा है.

तेहरान के एक अस्पताल में काम करने वाले एक मेडिकल स्टाफ़ ने कहा कि, “युवाओं के सिर पर और दिल पर सीधे गोलियां मारी गई हैं.”

वहीं एक डॉक्टर ने बताया कि तेहरान के एक आंखों के अस्पताल में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि उसे इमरजेंसी यानी ‘क्राइसिस मोड’ में डालना पड़ा है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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