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This article covers the breaking situation concerning टीएमसी के बाग़ी विधायकों के गुट ने पार्टी हेडक्वार्टर पर कब्ज़ा किया, लगाया अपना बैनर – The MediaNews हिंदी.
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इमेज स्रोत, Sandeep Saha
तृणमूल कांग्रेस के बाग़ी गुट के नेताओं ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में शुक्रवार को कोलकाता स्थित पार्टी के सांगठनिक मुख्यालय पर कब्जा कर लिया.
इससे पहले ऋतब्रत की अगुवाई में दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाक़ात की थी.
बीते महीने करीब 60 विधायकों की बगावत के बाद से ही पार्टी, चुनाव चिह्न और बैंक में जमा कोष पर कब्ज़े की लड़ाई लगातार तेज़ हो रही है.
यह ऑफ़िस साल 2022 से ही पार्टी के मुख्यालय के तौर पर काम कर रहा है. पार्टी ने ईएम बाईपास स्थित मुख्यालय में पुनर्निर्माण शुरू होने के कारण अपना मुख्यालय इस दफ़्तर में शिफ़्ट किया था.
शनिवार सुबह ऋतब्रत बनर्जी के साथ फिरहाद हकीम, जावेद ख़ान, संदीपन साहा और अखरुजम्मां समेत बाग़ी गुट के कई नेता इस दफ़्तर में पहुंचे. उन लोगों ने खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बताते हुए वहां अपना बैनर लगा दिया.
उनका दावा था कि इस इमारत के मालिक के साथ ज़रूरी कागजी औपचारिकता पूरी होने के बाद ही उन्होंने यहां प्रवेश किया है. अखरुजम्मां ने मौके पर पत्रकारों से कहा, “हम तृणमूल कांग्रेस हैं और यह हमारा दफ़्तर है. पार्टी का इस दफ़्तर से बेहद भावनात्मक संबंध है.”
दूसरी ओर ममता खेमे ने इसे जबरन कब्ज़ा बताया और आलोचना करते हुए इसमें राज्य सरकार और पुलिस की मदद का आरोप लगाया है.
पार्टी के विधायक कुणाल घोष ने मौके पर पत्रकारों से कहा, “अब जबरन कब्ज़े की संस्कृति चल रही है. सरकार और पुलिस की मदद से टीएमसी से निष्कासित एक विधायक के नेतृत्व में बीजेपी की बी टीम बन गई है.”
इस मुख्यालय में ममता की तस्वीरें और कटआउट लगे हैं. लेकिन ऋतब्रत गुट के नेताओं ने उनको हाथ नहीं लगाया. उनका कहना था कि वो ममता के सलाहकार के तौर पर पार्टी में रहने के इच्छुक हैं.
ऋतब्रत गुट ने बीते महीने एक बैठक में ममता की जगह अरूप राय को पार्टी का अध्यक्ष चुना था. नई समिति में अभिषेक बनर्जी को भी जगह नहीं दी गई.
पार्टी का चुनाव चिह्न और बैंक में जमा कोष किस खेमे के पास रहेगा?
इस सवाल पर ऋतब्रत का कहना था, “इस पर किसी विवाद का सवाल ही नहीं पैदा होता. पार्टी के दो-तिहाई विधायकों समेत कई पूर्व मंत्री, पार्षद और ज़िला परिषद के सदस्य हमारे साथ हैं.”
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