Check out this breaking news report.
This article covers the latest updates on ‘नाइटिंगेल ऑफ़ साउथ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध दिग्गज गायिका एस. जानकी का निधन – The MediaNews हिंदी.
Brought to you by our news desk, this report delivers the facts you need to know.
Read the full updates below.
इमेज स्रोत, CG Khabar
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप और स्काईएक्सचेंज अवैध ऑनलाइन सट्टेबाज़ी नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है.
ईडी ने कारोबारी विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके नियंत्रण वाली कंपनियों की करीब 940 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है.
इस ताज़ा कार्रवाई से पहले करीब 2,825 करोड़ रुपये मूल्य की देश-विदेश में स्थित संपत्तियां कुर्क, ज़ब्त या फ्रीज़ की जा चुकी हैं. इस मामले में अब कुल कुर्क, ज़ब्त और फ्रीज़ की गई संपत्तियों का मूल्य बढ़कर करीब 3,800 करोड़ रुपये हो गया है.
ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में आवासीय भवन, भूमि, विभिन्न कंपनियों के इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां (सिक्योरिटीज) शामिल हैं.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग के रहने वाले और जूस की दुकान चलाने वाले सौरभ चंद्राकर ने अवैध ऑनलाइन सट्टा ऐप का संचालन शुरू किया था.
पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद सौरभ चंद्राकर ने अपना पूरा कारोबार श्रीलंका और दुबई में शिफ्ट कर लिया. आरोप है कि इस कारोबार को चलाने के लिए, उससे राजनेताओं, अफ़सरों, पत्रकारों ने कई सौ करोड़ रुपये वसूले.
ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले में दर्ज एफआईआर और छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल में दर्ज अन्य मामलों के आधार पर की गई थी.
जांच में सामने आया कि यह अवैध ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट फ्रेंचाइजी आधारित ‘पैनल नेटवर्क’ के ज़रिए संचालित होता था और इससे हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय अर्जित की जा रही थी.
ईडी के अधिकारी ने कहा कि इस मामले में अब तक सात प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं. साथ ही विशेष पीएमएलए अदालत, रायपुर में अभियोजन शिकायतें और पूरक शिकायतें भी दाख़िल की गई हैं.
इधर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कथित लेवी वसूली के मामले में पिछले तीन सालों से फरार, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के आत्मसमर्पण के बाद आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने दावा किया है कि अग्रवाल ने पार्टी फंड के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपये जुटाए थे.
अभी रामगोपाल अग्रवाल 17 जुलाई तक आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की हिरासत में हैं, जहां उनसे पूछताछ चल रही है.
हालांकि कांग्रेस पार्टी ने इस कार्रवाई का विरोध किया है.
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, “यह भाजपा सरकार का राजनैतिक षड्यंत्र है. विधानसभा चुनाव के समय से ही भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से कांग्रेस के नेताओं के ख़िलाफ़ षड्यंत्र करती रही है. पहले केंद्रीय एजेंसियों को इस काम में लगाया गया और अब राज्य की जांच एजेंसी के माध्यम से षड्यंत्र किया जा रहा है.”
Disclaimer: This content is automatically syndicated from external news feeds for informational purposes.
The views held in this article are the author’s own and do not necessarily reflect those of this website.