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This article covers the breaking situation concerning प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स पर सचिन तेंदुलकर बोले- मेहनत को मिलना चाहिए सम्मान – The MediaNews हिंदी.
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इमेज स्रोत, Getty Images
पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फ़ोगाट ने 20 जुलाई को स्टूडेंट्स पर हुए लाठीचार्ज की आलोचना की है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर इस कार्रवाई पर सवाल उठाए और स्टूडेंट्स के समर्थन में अपनी बात रखी.
विनेश फ़ोगाट ने लिखा, “जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की आवाज़ उठा रहे थे, लेकिन 20 जुलाई को सामने आई तस्वीरों ने विचलित कर दिया.”
उन्होंने कहा कि जब देश के स्टूडेंट्स अपने भविष्य, अधिकारों और सपनों के लिए सड़क पर थे, तब उन्हें सम्मान की जगह भय और हिंसा का सामना करना पड़ा.
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई.
विनेश फ़ोगाट ने कहा, “आखिर ये स्टूडेंट्स किससे न्याय मांगे? उनसे जिनके कंधों पर उनकी सुरक्षा की जिम्मेवारी है या उनसे, जिनके हाथों में सत्ता है? हक़ की इस लड़ाई में पूरा देश आपके साथ है. लेकिन मैं आप सबसे एक निवेदन भी करना चाहती हूँ कि किसी भी कीमत पर अहिंसा का मार्ग मत छोड़ना.”
उन्होंने कहा कि संभव है कि आंदोलन को भटकाने, बदनाम करने या कमजोर करने की कोशिशें की जाएं, लेकिन स्टूडेंट्स की सबसे बड़ी ताक़त उनका धैर्य, अनुशासन और शांतिपूर्ण संघर्ष है.
उन्होंने आख़िर में कहा कि उन्हें विश्वास है कि स्टूडेंट्स संघर्ष करेंगे और जीतेंगे.
नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.
प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते हैं. इस मांग के समर्थन में सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं.
इसी मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को स्टूडेंट्स ने संसद मार्च का आह्वान किया था. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस कार्रवाई में कई स्टूडेंट्स घायल हो गए.
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