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This article covers the latest updates on यमन में हूती विद्रोहियों का बड़ा दावा, इस अफ़्रीकी देश की बढ़ी अहमियत – The MediaNews हिंदी.
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इमेज स्रोत, @AshutoshRanka
कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का कहना है कि देश में स्कूलों की स्थिति को लेकर उसके सुझावों पर बीजेपी शासित राज्यों और ग़ैर-बीजेपी दलों के शासन वाले राज्यों का रवैया स्पष्ट तौर पर अलग दिखता है.
बेंगलुरु शहर और उसके आसपास कुछ स्कूलों की अपनी पहली विज़िट पर सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, “वहां (बीजेपी शासित राज्यों में) गुंडे भेजे जाते हैं, हमें पीटा जाता है, हिंसा फैलती है. लेकिन दूसरे राज्यों (जैसे पंजाब, झारखंड और कर्नाटक) में हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली.”
रांका और सीजेपी की राष्ट्रीय सचिव आफ़रीन नवाज़ ने पिछले तीन दिनों में बेंगलुरु और उसके आसपास के स्कूलों का दौरा किया.
वहां सबसे प्रमुख समस्याओं में शिक्षकों की पूरी संख्या का मौजूद न होना (एसआईआर के कारण), गंदे शौचालय और ख़राब हालत में पड़ी इमारतें शामिल थीं.
रांका ने कहा, “कल हमने कर्नाटक के शिक्षा मंत्री (प्राथमिक शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा) से मुलाक़ात की. सौरभ (दास) ने पंजाब के शिक्षा मंत्री से मुलाक़ात की, अंकित झारखंड में स्कूलों का दौरा कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “इसलिए, मुझे लगता है कि बीजेपी शासित राज्यों में किसी भी तरह का संवाद नहीं किया जा रहा है, किसी भी तरह की प्रतिक्रिया लेने की कोशिश नहीं की जा रही है. पूरी ताक़त केवल गुंडागर्दी और हिंसा फैलाने में दिखाई जा रही है.”
बेंगलुरु के स्कूलों में सीजेपी को क्या मिला
उन्होंने कहा, “वर्थुर के स्कूल में छत लगभग गिरने वाली थी. हाल ही में एक छोटा बच्चा बुरी तरह घायल होने से बाल-बाल बचा था. बच्चों को कक्षा से बाहर कर दिया गया है. अगले ही दिन मरम्मत का काम शुरू हो गया, जो मुझे लगता है कि एक सकारात्मक कदम है. हम सरकार से सिर्फ इतना कह रहे हैं कि कृपया हमारी ओर से कमियां बताए जाने का इंतजार न करें.”
रांका ने कहा, “कल कर्नाटक के प्राथमिक शिक्षा मंत्री ने हमें फ़ोन किया. उन्होंने हमारी प्रतिक्रिया सुनी और हमने बताया कि स्कूलों में शौचालयों की हालत बहुत खराब थी तो उन्होंने कहा कि शिक्षक एसआईआर ड्यूटी पर थे. उन्होंने हमारी बात ठीक से सुनी. इसलिए संवाद हुआ. जहां संवाद होगा, वहां सुधार होगा.”
उन्होंने कर्नाटक के रवैये की तुलना राजस्थान, बंगाल में अपने और अपने सहयोगियों के अनुभव से की और कहा, “सभी ने देखा है कि उत्तर प्रदेश में अब्दुल के साथ क्या हुआ. हमारे लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की जा रही है. इस तरह वे ख़ुद को ही धोखा दे रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “सत्ता में कोई भी राजनीतिक दल हो, हम अपना काम जारी रखेंगे. हम सभी राज्यों के सभी स्कूलों का दौरा करेंगे और इसे देशव्यापी आंदोलन बनाएंगे.”
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